इंटरनेट हैकिंग का जिक्र होते ही सबसे पहले एक नेगेटिव इमेज दिमाग में आती है लेकिन इसका दूसरा पहलू एथिकल हैकिंग भी है। एथिकल हैकिंग, यानी कि हैकिंग का अच्छा चेहरा, जिसकी मदद से कंपनियां और पॉप्युलर वेबसाइट्स को मौजूदा लूपहोल्स और कमियों का पता चलता है। आईटी सेक्टर में सारी दुनिया ने भारत को लोहा माना है और अब एथिकल हैकर भी अपनी साख जमा रहे हैं। ऐसा ही एक चेहरा बने हैं सिक्यॉरिटी रिसर्चर आनंद प्रकाश, जो अब तक अपनी हैकिंग के दम पर 2.2 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुके हैं।
अपने सिस्टम को सफलतापूर्वक हैक करने और उन्हें अपनी सुरक्षा खामियों को दिखाने के बदले में कंपनियों से मिलने वाले बड़े  पुरस्कार जीत चुके हे ।
आनंद Facebook,Twitter और Google में भी बग्स का पता लगा चुके हैं। वह उबर, गिटहब, नोकिया, साउंडक्लाउड, ड्रॉपबॉक्स, Pay pal  और बाकी साइट्स के bug bounty प्रोग्राम में भी हिस्सा ले चुके हैं।
आनंद प्रकाश को 5 वर्षों से फेसबुक ने अपने शीर्ष bounty hunters. के रूप में स्थान दिया है। और ट्विटर के भरपूर कार्यक्रम में, वह #3 विश्वव्यापी स्थान पर रहा।
एक हैकर के रूप में आनंद की प्रतिष्ठा ने उन्हें इतना सफल बनाया, आनंद एथिकल हैकिंग  मे ऐसे तरीके को जानते हैं कि जिसे  वो किसी भी सॉफ्टवेर मे आसानी से बग पहेचान लेते हे और कुछ तरीके जिनसे वह फेसबुक और ट्विटर को सफलतापूर्वक हैक कर लेता है।

हेकर आनंद प्रकाश के बारेमे

तमिलनाडु के प्रतिष्ठित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर विज्ञान का अध्ययन करने के बाद, आनंद ने 2010 से हैकिंग की शुरुआत की थी,  FlipKart  जैसी कंपनियों में एक प्रवेश परीक्षक और सुरक्षा इंजीनियर के रूप में काम किया।
आनंद ने व्यक्तिगत रूप से दुनिया भर में 400 से अधिक कंपनियों को अधिक सुरक्षित बनने में मदद की है।
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